गिरिडीह शहर से आस्था, मोहब्बत और सूफियाना परंपरा की अनूठी मिसाल उस वक्त देखने को मिली, जब अजमेर शरीफ के लिए ज़ियारत का क़ाफ़िला पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ रवाना हुआ। वर्ष 1990 से अजमेर शरीफ की सेवा में जुटे गिरिडीह के सबसे पुराने और विश्वसनीय अजमेरी एजेंट अब्दुल रहीम साहब की अगुवाई में दो अत्याधुनिक लग्ज़री बसों को ज़ायरीन के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर ख़्वाजा गरीब नवाज़ हज़रत मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में पेश करने के लिए भव्य चादर शरीफ भी पूरे अकीदत के साथ भेजी गई।

रवाना कार्यक्रम के दौरान गुलाब, अगरबत्ती, नात-ओ-मनक़बत और दुआओं से माहौल पूरी तरह रूहानी हो उठा। शहर व आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। चिश्तिया वसीम, मंजर, खुशनुद, बिलाल, नवाब शहीद, टिंकू, शाहबाज़, चीकू और बिट्टू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अब्दुल रहीम साहब ने कहा कि ख़्वाजा गरीब नवाज़ का पैग़ाम इंसानियत, अमन और बराबरी का है, और उनकी कोशिश हमेशा ज़ायरीन को ईमानदारी व सुकून के साथ ज़ियारत कराना रही है।













