मधुबन शिखरजी स्थित सराक भवन में जैन आचार्य सुयश सूरीश्वरजी महाराज की प्रेरणा से पंचान्हिका महोत्सव के अंतर्गत जैन धर्म के तेइसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ प्रभु का जन्म कल्याणक उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान भक्तों ने मंदिर दर्शन, भक्तांबर पाठ, शांति स्नात्र पूजा और 108 पार्श्वनाथ पूजन में भाग लिया। झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धाभाव के साथ हिस्सा लिया।

शांति स्नात्र पूजन बबलू सराक एवं टुम्पा सराक के सौजन्य से संपन्न हुआ, जबकि 108 पार्श्वनाथ पूजन मोहनलाल जी, विमलाबाई, घेरवचंदजी जैन और लीलाबाई जैन द्वारा कराए गए। मुनि हर्षयश विजय महाराज के परिवार ने नवकारसी का लाभ लिया। विधिकार काजल राय के नेतृत्व में विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। आयोजन में मिहिर, श्यामली राय, बबलू सराक, टुम्पा सराक, विश्वजीत माजी समेत कई भक्तों ने विशेष सहयोग दिया, जिससे उत्सव का आयोजन सफल और भव्य रूप से संपन्न हुआ।













