केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 13 दिसंबर, 2001 को संसद भवन पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने कहा कि आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य शौर्य और साहस को याद करने का दिन है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को सुरक्षा बलों ने अपनी बहादुरी और जज्बे से नाकाम कर दिया। इस दौरान आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देते हुए कई जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जिनके बलिदान को पूरा देश कभी नहीं भुला सकता।
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि यह राष्ट्र हमेशा वीर सेनानियों के त्याग और बलिदान का ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों की वीरता और साहस से ही हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था सुरक्षित है। सुरक्षा बलों के इस अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता को सम्मान देने के लिए हर नागरिक को उनके योगदान को याद रखना चाहिए। संसद पर हुए इस हमले की घटनाएं हमेशा हमें याद दिलाती रहेंगी कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवानों की निस्वार्थ भक्ति और बलिदान ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।












