गिरिडीह मुफ्फसिल क्षेत्र के महुआटांड़ में पिछले छह महीनों से खराब पड़े ट्रांसफार्मर को आखिरकार बदल दिया गया। ग्रामीणों ने कई राजनीतिक दलों और बिजली विभाग को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की जानकारी मिलते ही माले जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा ने बिजली विभाग के एसी साकिल और जेई अमित कुमार से संपर्क कर लिखित आवेदन सौंपा। इसके बाद विभाग ने दो दिनों के भीतर अधिक क्षमता वाला नया ट्रांसफार्मर लगवा दिया, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

माले नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि माले हमेशा आदिवासी, दलित, गरीब और उपेक्षितों की आवाज बनी है। उन्होंने कहा कि जनता जिनके वोट से सरकार और जनप्रतिनिधि चुनती है, उसी क्षेत्र की उपेक्षा होना चिंताजनक है। माले कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि अधिकारों के लिए आंदोलन ही सबसे बड़ा हथियार है और जरूरत पड़ने पर माले हर संघर्ष में साथ खड़ी होगी। ट्रांसफार्मर लगाने में मोहन कोल, सुरेश कोल, गणेश कोल और भीम कोल समेत कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग की मदद की।












