गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र के तिवारीडीह हांडाडीह में रविवार को भूतपूर्व मुखिया शशिभूषण तिवारी की अंतिम यात्रा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सौ वर्ष से अधिक आयु के शशिभूषण तिवारी के निधन के बाद परिजनों ने उनके व्यक्तित्व और जीवन दर्शन को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक शोक के बजाय एक अनोखी और भावुक विदाई का आयोजन किया। उनकी अंतिम यात्रा को ‘जीवन उत्सव’ के रूप में मनाया गया, जिसमें डीजे की धुनों पर लोग उनकी याद में नाचते और खुशियाँ बाँटते नजर आए।

शशिभूषण तिवारी अपने हँसमुख स्वभाव, सादगी और मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे। वे हमेशा कहते थे कि जीवन को खुशी से जियो और दूसरों में भी प्रसन्नता बाँटो। इसी सोच के चलते उनके परिजनों ने अंतिम यात्रा को उनके ही अंदाज में खास बनाने का फैसला किया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में इस अनोखी विदाई के साक्षी बने और इसे उनके सकारात्मक जीवन का सम्मान बताया।

इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी है और लोग इसे अंतिम संस्कार की पारंपरिक सोच में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।












