गिरिडीह में छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही लम्बी देरी के विरोध में माले के छात्र संगठन आईसा ने आज उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा और मुख्य गेट पर नारेबाजी की। रेहान के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कल्याण विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और बताया कि 2022 से छात्रवृत्ति न मिलने के कारण हजारों छात्र–छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

कई छात्र हॉस्टल व कॉलेज फीस के अभाव में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार का 40%–60% संयुक्त योगदान होने के बावजूद प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है।कल्याण पदाधिकारी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि फंड जल्द जारी होने वाला है और राशि मिलते ही सभी लाभुकों के खातों में भेज दी जाएगी। वहीं नौशाद आलम, जुनैद सफा, शहजाद अंसारी और पवन राय सहित अन्य छात्रों ने चेतावनी दी कि अब और ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रेहान ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। माले नेताओं ने छात्रों को संघर्ष के लिए तैयार रहने और संगठित तरीके से आंदोलन चलाने के गुर भी बताए।












