गिरिडीह में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड बिल के खिलाफ ट्रेड यूनियन, अखिल भारतीय किसान महासभा और माले के नेतृत्व में ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत माले जिला कार्यालय पपरवाटांड में सभा आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता किसान महासभा के पूरन महतो ने की। जिला सचिव अशोक पासवान, विजय सिंह, मुस्तकीम अंसारी, जयनारायण यादव, अजीत राय, रामकिशन यादव, अरुण वर्मा, शंकर पांडेय, रामलाल मुर्मू, कन्हाई पांडेय, राजेश सिन्हा सहित अन्य नेताओं ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि इन लेबर कोड से मजदूरों और किसानों के अधिकार प्रभावित होंगे।

वक्ताओं ने राज्य सरकार से भी केंद्र के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। सभा के बाद दर्जनों कार्यकर्ता लाल झंडा, बैनर और नारों के साथ समाहरणालय पहुंचे और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम तैयार ज्ञापन डी०डी०सी को सौंपा, क्योंकि उपायुक्त जिले से बाहर थे। ज्ञापन में एमएसपी की कानूनी गारंटी, सभी पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोलने, चारों लेबर कोड रद्द करने, वनाधिकार कानून के तहत पट्टा देने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये मजदूरी, लौह फैक्ट्रियों के जहरीले धुएं से राहत, दलिया गांव की खदान रद्द करने और गिरिडीह की फैक्ट्रियों की जांच जैसी मांगें शामिल थीं। कार्यक्रम में हेमंती देवी, ललिता देवी, शांति देवी, सुनीता देवी, सनातन साहू, गुलाब कोल्ह, भीम कोल्ह, चंदन टुडू, नवीन पाण्डेय, राजेश कुमार दास, मोनू दास सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।












