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श्रम संहिताओं के खिलाफ गिरिडीह में श्रमिक संगठनों का द्वार प्रदर्शन, सरकार पर कॉरपोरेट हितैषी नीति का आरोप

गिरिडीह में एलआईसी कार्यालय के सामने मंगलवार को अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में द्वार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीमा कर्मचारी संघ के सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि 21 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार ने वेज कोड 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020, सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा एवं कार्य परिस्थिति कोड 2020 को अधिसूचित किया है,

जो मजदूरों के अधिकारों को खत्म कर कॉरपोरेट के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्थाई नौकरी की जगह ठेका प्रणाली बढ़ेगी और फैक्टरी मालिकों को मनमर्जी से संस्थान बंद करने की छूट मिल जाएगी।बीएसएसआरयू के सचिव मृदुल कांति ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार मजदूरों के मौलिक अधिकारों जैसे हड़ताल के अधिकार को खत्म कर रही है और ईपीएफ में नियोक्ता की हिस्सेदारी घटाकर 10% कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मजदूर, किसान और जनता विरोधी है। प्रदर्शन में संजय शर्मा, विजय कुमार, उमानाथ झा, स्वेता कुमारी, देवनाथ दास सहित अनेक कर्मचारी शामिल हुए और चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लेने की मांग की।

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