मुफ्फसिल क्षेत्र के महुआडांड़ में चार लेबर कोड के खिलाफ माले एवं असंगठित मजदूर मोर्चा ने दर्जनों महिला–पुरुषों के साथ जोरदार मार्च निकाला। माले नेता कन्हाई पांडेय, राजेश सिन्हा, मसूदन कोल, किशोर राय और सनातन साहू के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रतीकात्मक रूप से चार लेबर कोड की प्रतियां जलाई गईं। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों के बाद अब मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फैक्ट्री मालिकों द्वारा प्रदूषण फैलाकर खेतों और स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, लेकिन सरकार सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही। माले नेताओं ने लेबर कोड को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 तय करने, 8 घंटे कार्यदिवस लागू करने और सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आह्वान भी किया।












