अयोध्या आज एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भव्य ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर केसरिया धर्म ध्वज फहराने का यह आयोजन अभिजित मुहूर्त में किया जा रहा है। पूरे शहर को दिव्य और भव्य सजावट से सजाया गया है। 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगे 30 फीट लंबे ध्वजदंड पर चढ़ाया जा रहा यह ध्वज इलेक्ट्रिक सिस्टम से युक्त है, जिसे पीएम मोदी बटन दबाकर आरोहित करेंगे। ध्वज पर सूर्यवंश का प्रतीक, कोविदार वृक्ष और ‘ॐ’ का अंकन इस आयोजन को और भी आध्यात्मिक बनाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले गर्भगृह में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके बाद ध्वजारोहण समारोह संपन्न होगा। अयोध्या की सड़कों पर हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है, जहां जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण धार्मिक ऊर्जा से भर उठा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरा शहर उत्सव की छटा में नहाया हुआ दिख रहा है। यह ध्वज मंदिर निर्माण की पूर्णता और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के नए युग का प्रतीक माना जा रहा है।
ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी ने शेषावतार मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न इस अनुष्ठान ने रामनगरी के माहौल को और अधिक पवित्र बना दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री रामलला के गर्भगृह में दर्शन करेंगे और अभिजित मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे। अयोध्या में आज का दिन केवल आध्यात्मिक उत्सव भर नहीं, बल्कि देश की आस्था और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रदर्शन भी बन गया है।












