गिरिडीह स्थित स्टेशन रोड गुरुद्वारे में सिखों के नवें गुरु हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहेब जी का 350वां शताब्दी शहीदी दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य ग्रंथी भाई सतनाम सिंह ने भावपूर्ण शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित संगत की आंखें नम हो गईं। सहज पाठ का समापन भी इसी अवसर पर किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान सेवक गुणवंत सिंह मोंगिया ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान और हिंदू धर्म की रक्षा के प्रति उनके अद्भुत योगदान को याद करते हुए कहा कि वे आध्यात्मिकता, साहस और मानवता के प्रतीक थे।

शहीदी दिवस पर आयोजित लंगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और सभी को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सेवा भारती के जिला अध्यक्ष सतीश्वर प्रसाद सिन्हा ने गुरु तेग बहादुर जी के महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान मानवता को सदैव प्रेरित करता रहेगा और उनकी शिक्षाएँ समानता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देती हैं।













