गिरिडीह में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों स्थित कई फैक्ट्रियों की चिमनियों से जहरीला धुआं निकलने पर माले नेता राजेश सिन्हा ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित विभाग और अधिकारियों को उनके कार्यालय में घेरा जाएगा। सिन्हा ने प्रदूषण विभाग और लेबर ऑफिस पर जनहित की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी उद्योगपतियों के उपहारों के बोझ में दबे रहते हैं, जबकि खेत, पेयजल स्रोत और पर्यावरण लगातार बर्बाद हो रहे हैं।

असंगठित मजदूर मोर्चा के केंद्रीय सचिव कन्हाई पांडेय और माले प्रखंड सचिव ने भी कहा कि फैक्ट्री मालिक और अफसर मिलकर ग्रामीण इलाकों को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दस किलोमीटर के दायरे में लोग जहरीले धुएं से परेशान हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही लोकतांत्रिक आंदोलन चलाकर संबंधित कार्यालयों और फैक्ट्रियों के काम को ठप्प किया जाएगा। बैठक में किशोर राय, भीम कोल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।












