गिरिडीह। नगर थाना क्षेत्र के व्यस्ततम नेताजी चौक पर देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें अलकापुरी निवासी 28 वर्षीय युवक रोहित सिंह राठौर की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतनी भीषण था कि स्थानीय लोगों में क्षणभर में आक्रोश की लहर फैल गई और देखते ही देखते गुस्साई भीड़ ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक यातायात बुरी तरह बाधित रहा। रात से सुबह तक लोगों में तनाव का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बाइक सहित युवक एक अन्य खड़े ट्रक के नीचे जा दबा, जिससे बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी।
घटना तब हुई जब रोहित सिंह राठौर झंडा मैदान से अपने घर लौट रहे थे। इससे पहले वे कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश प्रसाद यादव को देवघर एयरपोर्ट छोड़कर आ रहे थे। झंडा मैदान में क्रिकेट मैच देखने के बाद जैसे ही वे नेताजी चौक पहुंचे, एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रोहित बाइक समेत उछलकर पास खड़े एक ट्रक के नीचे जा फंसे और घटनास्थल पर उनकी मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया, जिसके बाद भीड़ का गुस्सा और बढ़ गया। कुछ स्थानीय युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए दूसरे ट्रक को पीछा कर रोक लिया, लेकिन ट्रेलर चालक पहले ही मौके से भाग चुका था।
हादसे की सूचना मिलते ही नेताजी चौक पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों की मांग थी कि ट्रेलर चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और शहर में अनियंत्रित भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी कौशर अली, नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन, पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। अधिकारियों ने भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ। उनकी साफ मांग थी कि कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बिना वे सड़क नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान नेताजी चौक से लेकर आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
काफी मशक्कत, बातचीत और आश्वासन के बाद भीड़ धीरे-धीरे शांत हुई और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा, जिसके बाद यातायात बहाल कराया गया। इस दर्दनाक हादसे ने मृतक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गिरिडीह शहर को शोक और आक्रोश से भर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौ-एंट्री हटने के बाद बड़े वाहन तेज रफ्तार से शहर से गुजर रहे हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन सड़क सुरक्षा पर गंभीर नहीं है और यदि समय रहते स्पीड कंट्रोल और भारी वाहनों पर कड़े नियम लागू किए जाते, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता था। लोगों की मांग है कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पुनः नियंत्रण लगाया जाए, स्पीड लिमिट लागू हो और नेताजी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। फिलहाल शहर में इस हादसे को लेकर गहरा शोक और नाराजगी बनी हुई है।












