गिरिडीह के जमुआ अंचल में गोविंदपुरा पत्थर खदान को लेकर विवाद गहराया है। स्थानीय ग्रामीणों ने खदान संचालन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लगातार हो रही परेशानियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खदान लीज पर संचालित होने के बावजूद चारों ओर बाड़ा नहीं लगाया गया है, जिससे मवेशियों के खदान क्षेत्र में जाने का खतरा बना रहता है। साथ ही, निर्धारित समय के बिना की जा रही ब्लास्टिंग से घरों की दीवारें हिलने लगी हैं और हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान से जुड़े वाहनों के लगातार आवागमन से सड़कें भी बुरी तरह खराब हो गई हैं और पहले की शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस है।

वहीं, खदान संचालक मुंशी चंदन कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा बाड़ा पहले लगाया गया था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने उसे चोरी कर लिया। उन्होंने बताया कि अब दोबारा बाड़ा लगाने की तैयारी चल रही है और हर ब्लास्टिंग से पहले ग्रामीणों को सूचना दी जाती है। ग्रामीणों और संचालक के दावों के बीच प्रशासन के कदमों पर नजर है कि किस तरह सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जाएगा।













