नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का दूसरा दिन झारखंड पवेलियन के नाम रहा, जहां झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर विशेष उत्सव का आयोजन किया गया। पवेलियन में सुबह से ही आगंतुकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, कला और परंपराओं का नजदीक से आनंद लिया। इस दौरान कार्यालय स्थानिक आयुक्त झारखंड भवन में भी अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदेश के 25 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया। झारखंड की गौरवमयी यात्रा को दिल्ली में इतने बड़े मंच पर मनाना आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए और झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक टीमों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभागार में उत्सव का माहौल बना दिया। दर्शकों को बिरसा मुंडा के अदम्य साहस, उनकी ऐतिहासिक भूमिका और ‘उलगुलान’ आंदोलन की झलक भी देखने को मिली। झारखंड के खान, वन, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े विविध सेक्शन भी इस दिन खास आकर्षण बने रहे, जहां आगंतुकों ने झारखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प, टसर उत्पाद, लाख की कलाकृतियों और जनजातीय संस्कृति की जीवंत प्रदर्शनी का आनंद लिया। बिरसा मुंडा की विरासत और झारखंड की संस्कृति को एक ही मंच पर देखने का यह अवसर आगंतुकों के लिए बेहद प्रेरणादायक साबित हुआ।
इस विशेष अवसर पर झारखंड के उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर ने कहा कि झारखंड के 25 वर्षों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर साझा करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि “आज का दिन न केवल बिरसा मुंडा जयंती का है, बल्कि उसी दिन का स्मरण भी है जब वर्ष 2000 में झारखंड एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था।” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेले में राज्य की खुशियाँ मनाना एक शानदार और यादगार अनुभव है। कार्यक्रम में जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने झारखंड की प्रगति तथा भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।












