दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। गृह मंत्रालय ने घटना के 20 घंटे बाद जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। 20 घायल इलाजरत हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल हुआ था। कार के CCTV फुटेज में एक काले मास्क पहने शख्स की पहचान पुलवामा के डॉ. मोहम्मद उमर नबी के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर ने विस्फोटकों से भरी कार में खुद को उड़ा लिया था। उसके DNA की पुष्टि के लिए कश्मीर पुलिस ने उसकी मां, दो भाइयों और पिता को हिरासत में लिया है। इसी बीच पुलवामा से उमर के करीबी दोस्त डॉ. सज्जाद को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को शक है कि सज्जाद ने उमर को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराई थी। NIA की टीम अब इन दोनों के नेटवर्क और फंडिंग सोर्स की गहन जांच में जुट गई है।
वहीं, ब्लास्ट में लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद का नाम सामने आने से मेडिकल जगत में सनसनी फैल गई है। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग “जमात उल मोमीनात” के लिए भारत में नेटवर्क तैयार कर रही थीं। उन्हें आतंकी संगठन की महिला भर्ती की जिम्मेदारी दी गई थी। पाकिस्तान में जैश की महिला शाखा की हेड आतंकी अहजर मसूद की बहन सादिया बताई जाती है। अब NIA यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली ब्लास्ट में इस नेटवर्क की क्या भूमिका थी।












