मिर्जापुर जिले में आज सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश से भर दिया। कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालु जब ट्रेन से उतरकर पटरी पार कर रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार कालका एक्सप्रेस आ गई। देखते ही देखते कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए, जिनमें से कुछ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। चीख-पुकार और रोते-बिलखते परिजनों का दृश्य हर किसी के दिल को झकझोर गया। रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन हादसे की भयावहता इतनी थी कि कई लोगों की जान बचाई नहीं जा सकी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालु अक्सर इसी मार्ग से स्नान के लिए जाते हैं और रेलवे प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतज़ाम करने चाहिए थे। जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिर्जापुर में अब सिर्फ हादसे की गूंज नहीं, बल्कि लापरवाही पर उठते सवालों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं।












