गिरिडीह से रांची जा रही मां तारा बस संख्या JH 02 AM 2458 में रविवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, बस सुबह करीब 6 बजे गिरिडीह से रांची के लिए रवाना हुई, लेकिन डुमरी पथ पर मधुबन मोड़ से आगे छछन्दो के पास अचानक तेज हवा के दबाव से बस का फ्रंट शीशा टूट कर बिखर गया। घटना के दौरान चालक, उपचालक और चालक के पीछे बैठी एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। शीशे के टुकड़े महिला के चेहरे पर जा लगे, जबकि चालक और उपचालक के हाथ-पैर में चोटें आईं। घटना के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान बस में मौजूद सदर प्रखंड सह सेंट्रल जेल गिरिडीह के पूर्व चिकित्सा प्रभारी डॉ. एल.एन. दास ने अपने फर्स्ट एड किट से सभी घायलों का इलाज कर राहत पहुंचाई। उनकी तत्परता और मानवता से यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
घटना के वक्त बस की रफ्तार काफी तेज थी, लेकिन चालक ने संभलकर वाहन को नियंत्रित किया और सड़क किनारे सुरक्षित रोक दिया। चालक की सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि बस अनियंत्रित हो जाती, तो कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया। हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई है। यात्रियों ने बताया कि मां तारा बस सर्विस की कई गाड़ियां पुराने मॉडल की हैं और शीशा एवं बॉडी की नियमित जांच नहीं की जाती। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बसों की फिटनेस जांच अनिवार्य की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।












