चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने की घटना के बाद पूरे झारखंड में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य सरकार ने इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कई अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके बाद झारखंड के सभी ब्लड बैंकों पर निगरानी और सख्त जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गिरिडीह जिला प्रशासन ने भी ब्लड बैंक की सतर्कता और निगरानी को और कड़ा कर दिया है।

अब गिरिडीह में किसी भी मरीज को ब्लड देने से पहले उसका एचआईवी टेस्ट धनबाद में कराया जा रहा है। धनबाद से रिपोर्ट मिलने के बाद ही मरीज को ब्लड उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्लड की सुरक्षा और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर सभी अस्पतालों और ब्लड बैंकों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य है कि मरीजों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो और भविष्य में इस तरह की कोई घटना न दोहराई जाए।












