झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भव्य और ऐतिहासिक तरीके से जश्न मनाने जा रहा है। इस रजत जयंती का आयोजन राज्य भर में ‘स्थापना सप्ताह’ के रूप में किया जाएगा। 15 नवंबर 2025 को मोरहाबादी मैदान, रांची में मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जबकि 11 से 14 नवंबर तक प्रत्येक जिले में प्रभात फेरी, साइकिल रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आंदोलनकारियों के सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि झारखंड की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों को इस अवसर पर पूरी तरह प्रदर्शित किया जाए।
राज्य सरकार ने इस अवसर को और विशेष बनाने के लिए 29 नवंबर को 10 हजार चयनित अभ्यर्थियों को एक साथ नियुक्ति पत्र देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस समारोह में युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इसमें शिक्षा विभाग के 9 हजार सहायक आचार्य, झारखंड सिविल सेवा परीक्षा में चयनित 342 उम्मीदवार, और स्वास्थ्य, उद्योग, कार्मिक समेत अन्य विभागों के चयनित अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहले 6 नवंबर को सरायकेला-खरसावां में यह कार्यक्रम निर्धारित था, जिसे स्थगित कर दिया गया ताकि सभी जिलों के सहायक आचार्य एक साथ अपने नियुक्ति पत्र प्राप्त कर सकें। यह आयोजन राज्य के युवाओं के लिए गर्व और उत्साह का क्षण होगा और नई दिशा की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपने-अपने फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। स्थापना दिवस के अवसर पर योजनाओं की विशेष प्रदर्शनी और घोषणाएं की जाएंगी। इसमें मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन, अबुआ स्वास्थ्य, अबुआ आवास, सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाएं शामिल होंगी। यह राज्य की उपलब्धियों और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का अनूठा अवसर होगा।
साल 2025 में झारखंड बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मनाएगा, जिसे स्थापना दिवस समारोह का केंद्रीय आकर्षण बनाया गया है। उलिहातू से मोरहाबादी तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंडी अस्मिता और गौरव की गूंज सुनाई देगी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शैक्षणिक प्रदर्शनी और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के ऐतिहासिक क्षण राज्यवासियों के लिए यादगार साबित होंगे। इस वर्ष का 25वां स्थापना दिवस झारखंड के लिए सिर्फ जश्न ही नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई दिशा और विकास का प्रतीक भी साबित होगा।












