चक्रवाती तूफान मोंथा ने झारखंड में दस्तक दे दी है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार शाम से राजधानी रांची, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, और रामगढ़ सहित कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। आसमान में दिनभर बादल छाए रहे और शाम ढलते ही रिमझिम फुहारों ने मौसम को और सुहाना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है। रांची मौसम केंद्र ने बताया कि 29 और 30 अक्टूबर को रांची, हजारीबाग, गोड्डा, दुमका, खूंटी, और गुमला समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को रांची में 12 मिमी और जमशेदपुर में 30 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि तापमान में भी गिरावट देखी गई।
वहीं, तूफान के असर से राज्य में तेज हवा और जलजमाव की स्थिति बनती जा रही है। रांची और उसके आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ और बिजली के पोल गिरने का खतरा बना हुआ है। किसानों के लिए जिला प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है—धान, मक्का और अन्य फसलों को सुरक्षित रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने किसानों से कहा है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को प्लास्टिक शीट या तिरपाल से ढक दें और नुकसान होने पर तुरंत जानकारी दें। मंगलवार की दोपहर हुई झमाझम बारिश से रांची की सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, वहीं बुधवार से खुलने वाले स्कूलों पर भी इसका असर पड़ सकता है। छठ पूजा के तुरंत बाद हुई इस बारिश ने भले ही गर्मी से राहत दी हो, लेकिन अब प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहना होगा।












