Aba News

चाईबासा में संक्रमित खून का मामला बना राजनीतिक तूफान, सरकार पर विपक्ष का तीखा हमला

चाईबासा में थैलीसीमिया से पीड़ित छह बच्चों को संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने के बाद झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि सरकार की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, चाईबासा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक पिछले दो वर्षों से बिना लाइसेंस के चल रहा था, जिसका रिनुअल नहीं किया गया था। मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने सिविल सर्जन सहित कई अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया, लेकिन इससे राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। विपक्षी दल बीजेपी ने इसे “हत्या के प्रयास” का मामला करार देते हुए कहा है कि जिन बच्चों को जीवनदान मिलना चाहिए था, उन्हें लापरवाही ने मौत के मुंह में धकेल दिया।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सरकार मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई कर दी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक कैसे संचालित हो रहा था, इसकी गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। विपक्ष इस मामले को सियासी रंग देने में जुटा है, जबकि सरकार का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस बीच, जनता के बीच सवाल गूंज रहा है कि आखिर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी खामी कैसे रह गई और ज़िम्मेदारी तय कब होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें