गिरिडीह, 29 अक्टूबर 2025: बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हो रहा ‘मोंथा’ चक्रवात अब एक गंभीर ट्रॉपिकल तूफान का रूप ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इसके असर से झारखंड के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में तेज हवाएँ, भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना व्यक्त की गई है। जिला उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, श्री रामनिवास यादव ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में नदी, तालाब, डोभा या अन्य जलाशयों के पास न जाएँ। उपायुक्त ने कहा कि भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है — सड़कें जाम हो सकती हैं, कच्चे मकान टूट सकते हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि जिला प्रशासन आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इस परिप्रेक्ष्य में जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैयार स्थिति में रखने का निर्देश दिया है। निचले और जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर वहाँ के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की योजना बनाई जा रही है। बिजली, स्वास्थ्य और संचार व्यवस्था को सुदृढ़ रखने पर विशेष जोर दिया गया है ताकि आपदा की स्थिति में नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। उपायुक्त ने सभी बीडीओ और थाना प्रभारियों को चौबीसों घंटे निगरानी में रहने और तुरंत रेस्पॉन्स के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित जनहानि को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।













