गढ़वा जिले के भंडरिया प्रखंड के फतूटांड़ टोला में एक ही परिवार के आठ सदस्यों ने ईसाई धर्म का त्याग कर पुनः हिंदू धर्म को अपनाया। यह कार्यक्रम अग्निवीर संस्था के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें पंडित विपिन मिश्रा ने सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया। बताया जा रहा है कि परिवार को विवाह संबंधी दिक्कतों और सामाजिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते उन्होंने अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया। परिवार के मुखिया गजेंद्र मुंडा ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय बटेश्वर मुंडा ने वर्ष 2004 में ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन इसके बाद परिवार में बीमारी और क्लेश बढ़ गया। इस परिस्थिति ने उन्हें पुनः आत्मिक और सांस्कृतिक रूप से अपने मूल धर्म में लौटने के लिए प्रेरित किया।
घर वापसी के बाद हिंदू समाज के लोगों और अग्निवीर संस्था ने गजेंद्र मुंडा और उनके परिवार का स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था की ओर से परिवार को साड़ी, कंबल, पूजा सामग्री और नगद पांच सौ रुपये की सहायता दी गई। घर वापसी करने वालों में गजेंद्र मुंडा, उनकी मां शनिचरी कुंवर, पत्नी अनिता देवी, बहन संगीता कुमारी, पुत्री संध्या कुमारी, रितमनी कुमारी, पुत्र मैन्युअल मुंडा और अपर्णा मुंडा शामिल हैं। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के नितेश कुमार वर्मा, ग्राम प्रधान राजेंद्र मांझी, संजय सिंह, उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा और राकेश मांझी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान हिंदू धर्म की परंपराओं और संस्कारों के प्रति परिवार ने अपनी आस्था व्यक्त की और कहा कि अब वे सदा अपने मूल धर्म में रहकर समाज की सेवा करेंगे।












