झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा के सरकारी अस्पताल में सामने आए एक गंभीर स्वास्थ्य मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को दिए गए खून की जांच के बाद कम से कम पाँच बच्चों की HIV रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मामले की शुरुआत तब हुई जब 18 अक्टूबर को एक बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई — वह बच्चा 13 सितंबर को रक्त चढ़वाया गया था — और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद जांच शुरू हुई। रिपोर्ट के बाद प्रभावित परिवारों ने रक्तदाताओं और ब्लड बैंक की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए शिकायतें दर्ज कराईं; इससे स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन दोनों सक्रिय हो गए। प्रारम्भिक जानकारी में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी बच्चों के ब्लड ग्रुप अलग-अलग हैं, जिससे यह संभावना घटती है कि संक्रमण किसी एक डोनर के कारण ही फैला हो — पर जांच के कई पहलुओं पर अभी स्पष्टीकरण की आवश्यकता बनी हुई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने मामले की तह तक जाने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं: झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की टीम ने चाईबासा का दौरा कर सैंपल, रिकॉर्ड और ब्लड बैंक के रेकॉर्ड की पड़ताल की है और स्वास्थ्य सेवा निदेशक की निगरानी में विस्तृत जांच चल रही है। उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि तीन मोर्चों पर काम जारी है — नतीजों की पुष्टि के लिए आगे की टेस्टिंग, रक्तदाताओं के डेटाबेस की जाँच और यह सत्यापन कि क्या किसी अज्ञात HIV-पॉज़िटिव दाता के कारण संक्रमण फैला। शुरुआती जांच में रिकॉर्ड-रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक के संकेत मिले हैं, जिन्हें अब औपचारिक रिपोर्ट के रूप में स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। जिला सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि संक्रमण के स्रोत का ठोस निष्कर्ष निकालने से पहले सभी संभावनाओं — रक्त चढ़ाने के अलावा संक्रमित सुई या अन्य चिकित्सा-प्रक्रियाओं के माध्यम से संक्रमण — पर शुध जांच आवश्यक है। फिलहाल परिवारों की पीड़ा और चिंता को देखते हुए प्रभावित बच्चों के उपचार, परामर्श और आगे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कदम अहम प्राथमिकता रखे गए हैं।












