दुमका: बासुकीनाथ स्थित पवित्र शिवगंगा घाट इन दिनों गंदगी से अटा पड़ा है, जिससे श्रद्धालु और छठव्रती दोनों नाराज हैं। महापर्व छठ जैसे पवित्र अवसर पर भी यहां सफाई नहीं होने से स्थानीय लोगों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक और मंदिर प्रबंधन की ओर से बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गंदगी के कारण श्रद्धालु शिवगंगा में डुबकी लगाने से हिचक रहे हैं, लेकिन आस्था के चलते मजबूर होकर दूषित जल में ही पूजा-अर्चना करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।
साफ-सफाई को लेकर मंदिर प्रबंधन की उदासीनता साफ झलक रही है। छठ पर्व में जहां स्वच्छता और पवित्रता का विशेष महत्व है, वहीं बासुकीनाथ धाम में प्रशासनिक लापरवाही का यह दृश्य श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचा रहा है। शिवगंगा में गंदगी, काई और प्लास्टिक कचरे के ढेर से वातावरण दूषित हो गया है। श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए इसी जल का उपयोग करेंगे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ सकते हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बासुकीनाथ जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थल की इस हालत से प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।
वहीं सफाई कार्य में जुटे मजदूरों का कहना है कि सीमित जनशक्ति और संसाधनों के अभाव में कार्य पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि कुछ दिनों पहले हुई लगातार बारिश के कारण सफाई अधूरी रह गई थी। अब जबकि महापर्व छठ में कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में यदि प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और आम नागरिक मिलकर प्रयास करें तो घाट को स्वच्छ बनाया जा सकता है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी अपील की है कि बासुकीनाथ की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए।












