नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली में इस बार छठ पूजा का आयोजन भव्य स्तर पर किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने यमुना तट सहित 1300 से अधिक घाटों पर विशेष इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। चार दिवसीय यह महापर्व 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2025 तक मनाया जाएगा। सूर्य उपासना के इस पर्व में लाखों श्रद्धालु डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। इस बार दिल्ली की रेखा सरकार ने घाटों की सफाई, बिजली व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की पुख्ता तैयारियां की हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और पारंपरिक माहौल में पूजा का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में इस वर्ष यह पहली छठ पूजा है, जिसमें यमुना तट पर पूजा की अनुमति फिर से दी गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने वीरवार को वासुदेव घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। मिश्रा ने कहा कि पूर्वांचल समाज के लोगों के लिए यह पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि अस्मिता और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों ने जहां छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, वहीं अब रेखा सरकार ने इसे गौरवपूर्ण तरीके से बहाल किया है। दिल्ली में इस बार के आयोजन को लेकर माहौल उत्साहपूर्ण है, और हजारों स्वयंसेवक व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं।
संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक और रोशनी की व्यवस्था समय पर पूरी हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब छठ केवल एक पर्व नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है। रेखा सरकार चाहती है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के यह पर्व मना सकें और उन्हें पूर्वांचल की परंपराओं का गौरव महसूस हो। यह पहला अवसर होगा जब दिल्ली सरकार के संरक्षण में इतनी बड़ी संख्या में घाटों पर एक साथ छठ पूजा होगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि दिल्ली की सामाजिक एकता और विविधता का उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।












