गिरिडीह शहरी क्षेत्र के मकतपुर बांग्ला स्कूल परिसर में इस वर्ष भी रविंद्र ग्रंथागार काली पूजा समिति द्वारा तीन दिवसीय भव्य काली पूजा उत्सव का आयोजन किया गया। अंतिम दिन बुधवार को मां काली की प्रतिमा को विदाई से पूर्व महिलाओं ने बांग्ला परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की और सिंदूर खेला की रस्म निभाई।

इस दौरान सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को जीवित रखा। उसके बाद श्रद्धा भाव से मां की प्रतिमा को विसर्जन के लिए सरोवर ले जाया गया, जहां विधिवत तरीके से अंतिम विदाई दी गई। पूरे उत्सव को सफल बनाने में पॉल दा, लालटू दा, राणा समांनतो, अरिनिदम बोस और देबू दा ,तरुण मुखर्जी, सहित समिति के सभी सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा। यह आयोजन परंपरा, भक्ति और सामूहिक उत्साह का अद्भुत मिश्रण साबित हुआ।













