गिरिडीह: गिरिडीह सदर अस्पताल परिसर में स्थित जिला संयुक्त औषधालय भवन के जीर्ण-शीर्ण हो जाने से मरीजों और चिकित्सकों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दो मंजिला यह भवन अब इतनी खराब स्थिति में पहुँच चुका है कि कभी भी गिर सकता है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण औषधालय के अधिकांश कमरे उपयोग लायक नहीं बचे हैं। मजबूरी में चिकित्सक बरामदे में बैठकर मरीजों का इलाज करते हैं, जबकि कर्मचारी भय के माहौल में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। यह औषधालय गिरिडीह शहरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले के विभिन्न प्रखंडों से आने वाले दमा, गठिया और वात रोग से पीड़ित सैकड़ों मरीजों के लिए जीवनरेखा साबित हुआ है। यहाँ होम्योपैथिक, यूनानी और आयुर्वेदिक तीनों पद्धतियों से उपचार किया जाता है, और मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
भवन की जर्जर हालत को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने दिनांक 03 अगस्त 2025 को झारखंड सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजकर इस पुराने भवन के पुनर्निर्माण की मांग की थी। खंडेलवाल ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा कि यह औषधालय गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी है, लेकिन इसकी खस्ता हालत के कारण न केवल मरीजों को दिक्कत हो रही है, बल्कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की जान को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस भवन का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित न हों।
खंडेलवाल की इस जनहित याचिका का असर अब दिखाई देने लगा है। सिविल सर्जन कार्यालय, सदर अस्पताल गिरिडीह की ओर से दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को उन्हें यह जानकारी दी गई कि जिला आयुष औषधालय गिरिडीह भवन के मरम्मती प्राक्कलन को भवन निर्माण विभाग, गिरिडीह द्वारा तैयार कर लिया गया है और उसे अवर सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के पास प्रशासनिक स्वीकृति हेतु भेज दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि अब बहुत जल्द इस भवन के निर्माण कार्य को हरी झंडी मिलने वाली है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कहा कि यह निर्णय जिले के आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नए भवन के निर्माण से मरीजों और चिकित्सकों दोनों को सुरक्षित और स्वच्छ माहौल मिलेगा। खंडेलवाल ने आगे कहा कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है और सरकार से अपेक्षा है कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर निरंतर निगरानी रखें ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी न हो।
इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि जब कोई नागरिक जनहित के विषयों को गंभीरता से उठाता है, तो उसका असर प्रशासन तक पहुँचता है। सुनील खंडेलवाल जैसे जागरूक नागरिक समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रतीक बन रहे हैं, जिन्होंने एक जर्जर भवन को लेकर उठाए गए कदम से न केवल चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया, बल्कि सैकड़ों गरीब मरीजों की उम्मीदों को भी नया आधार दिया है। बहुत जल्द गिरिडीह को एक नया, सुसज्जित और सुरक्षित जिला आयुष औषधालय भवन मिलने की संभावना अब साकार होती दिखाई दे रही है।












