धनबाद और गोला में गुरुवार को सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। दिल्ली और बोकारो की संयुक्त टीम सुबह करीब आठ बजे यश एलॉय फैक्ट्री और उसके डायरेक्टर के धनबाद के धैया स्थित आवास पर एक साथ पहुंची। चार सदस्यीय टीम, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं, ने आवास पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इसके बाद टीम ने गोला स्थित फैक्ट्री में छापेमारी की, जहां कई अहम वित्तीय दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और लेन-देन से जुड़ी फाइलों की जांच की गई। करीब दस घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी हलचल देखी गई और औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, टीम ने कंपनी के कई रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जो टैक्स भुगतान और जीएसटी से जुड़ी अनियमितताओं की ओर संकेत करते हैं।
वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़ी कई गड़बड़ियों के सबूत मिले हैं। विभागीय अधिकारी फिलहाल कंपनी के टैक्स रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अकाउंट बुक्स का मिलान कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद कई और प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कस सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई सेंट्रल जीएसटी विभाग की कर चोरी के खिलाफ बड़ी पहल है, जिससे क्षेत्र में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों पर भी जांच की तलवार लटक सकती है।












