गिरिडीह, 16 अक्टूबर 2025 — व्यवहार न्यायालय, गिरिडीह में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने की। इस बैठक में पीड़ित प्रतिकर मुआवजा, विचाराधीन कैदियों की समीक्षा तथा जिला मंडल कारागार में आधारभूत संरचना के संवर्धन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपायुक्त श्री रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम श्री रवि शंकर मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुश्री प्रीति कुमारी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री विनोद कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री सफदर अली नैय्यर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान कुल नौ पीड़ितों को मुआवजे के लिए उपयुक्त पाया गया, जिसमें अंतरिम एवं अंतिम मुआवजा दोनों का समावेश रहा।
बैठक में माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के आलोक में कुल 17 विचाराधीन बंदियों की पहचान की गई, जिनकी जमानत या रिहाई के लिए आवश्यक आदेश दिए गए। इसके अलावा, जिला मंडल कारागार की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कारागार की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और बंदियों के पुनर्वास से संबंधित मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यों हेतु आवंटन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। यह बैठक न्यायिक प्रणाली को और अधिक मानवीय एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुई।












