गिरिडीह, 14 अक्टूबर 2025:- समाज कल्याण विभाग द्वारा “पोषण माह–2025” के अवसर पर आयोजित समारोह में कुपोषण उन्मूलन और संतुलित आहार के प्रति जन-जागरूकता का संदेश पूरे जोश और उत्साह के साथ दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और पौष्टिक आहार से जुड़े उत्पादों एवं व्यंजनों का अवलोकन किया। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न हुए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया। किशोरियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपायुक्त ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, योग, और नियमित दिनचर्या को अपनाकर ही हम कुपोषण मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
पोषण माह के दौरान आयोजित जिला स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता में जिले की विभिन्न परियोजनाओं ने भाग लिया, जिसमें सरिया परियोजना को प्रथम, डुमरी को द्वितीय और गिरिडीह सदर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस वर्ष पोषण माह का मुख्य विषय था— “मोटापा कम करना, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, स्थानीय भोजन को बढ़ावा देना, और पुरुषों को पोषण की मुख्यधारा में शामिल करना।” उपायुक्त ने कहा कि पोषण का संबंध केवल भोजन से नहीं, बल्कि हमारी पूरी जीवनशैली से है। उन्होंने योग निद्रा, ध्यान, और सकारात्मक सोच को स्वस्थ पोषण के आवश्यक घटक बताते हुए कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब समाज का प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, समाज कल्याण पदाधिकारी, सेविका, सहायिका और पोषण सखियाँ उपस्थित रहीं और “संपूर्ण पोषण, हर जीवन की पहचान” के संदेश को आगे बढ़ाया।












