गिरिडीह, 11 अक्टूबर 2025 : जिला उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसी ने जिले में चल रहे बाल श्रम उन्मूलन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी सूरत में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी नहीं कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बचाए गए बच्चे को अनिवार्य रूप से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए और उनका नामांकन आवासीय विद्यालयों में कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि पहले से विमुक्त बच्चों की निरंतर मॉनिटरिंग और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे दोबारा बाल श्रम के जाल में न फँसे।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने अधिकारियों को औचक छापेमारी अभियान चलाने का भी आदेश दिया, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ बाल श्रम की संभावना अधिक रहती है — जैसे ढाबे, लाइन होटल, ईंट भट्टे, गैरेज, वाशिंग सेंटर और अन्य संदिग्ध प्रतिष्ठान। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो भी नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान में बच्चों से काम कराते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रमिक (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम विभाग के अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त और बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी विभागों से समन्वय के साथ काम करने और जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।












