Aba News

“PM JANMAN योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति एवं आदि कर्मयोगी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गिरिडीह में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न”

गिरिडीह, 09 अक्टूबर 2025:- समाहरणालय सभागार में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के संयुक्त सचिव श्री बी० एन० प्रसाद की अध्यक्षता में PM JANMAN, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त सचिव ने बैठक के दौरान जनजातीय कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि PM JANMAN योजना के लक्ष्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं आदि कर्मयोगी अभियान के सभी घटक धरातल पर परिणामकारी रूप से कार्यान्वित हों। उन्होंने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सशक्त करना है।

संयुक्त सचिव श्री प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” आदिवासी समाज के समग्र उत्थान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस अभियान के माध्यम से आदिवासी समाज में क्षमता निर्माण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए, जिससे सामाजिक और आर्थिक समरसता स्थापित हो सके। इस अवसर पर उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, युवाओं के कौशल विकास और ग्राम स्तर पर विकासात्मक ढाँचा सुदृढ़ करने के लिए कई नई पहलें कर रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इन अभियानों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए ताकि हर लाभार्थी को योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो सके।

बैठक में जिला उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने जानकारी दी कि गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों में अभियान के तहत योजनाओं का कार्यान्वयन निरंतर प्रगति पर है और प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि जिले के 09 प्रखंडों के 143 गांवों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जोड़ा गया है, जिसमें 50% से अधिक जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के 08 पीवीजीटी क्षेत्रों में रहने वाले बिरहोर परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” आदिवासी बहुल गांवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें