गिरिडीह के सिहोडीह आम बागान में विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भक्तों की आंखें नम हो गईं। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखनाद और जयकारों के बीच जब शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को विदा किया गया, तो पूरा वातावरण भावनाओं से भर उठा। नौ दिनों तक चली नवरात्र की आराधना के बाद यह पल भक्तों के लिए बेहद भावुक था। पूरे सिहोडीह में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह लगातार दूसरा वर्ष था जब सिहोडीह आम बागान में दुर्गा पूजा का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे सभी मां के जयकारों में डूबे नजर आए। पूजा समिति ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए की गई बेहतरीन व्यवस्था से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में बदल दिया।

समिति के अध्यक्ष अशोक राम और संरक्षक दशरथ प्रसाद ने आयोजन की भव्यता और भावपूर्ण विदाई के पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन ने सिहोडीह को धार्मिक एकता और श्रद्धा का प्रतीक बना दिया है। कोषाध्यक्ष उमेश यादव, सचिव दीपक कुमार यादव, उपाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद, उपसचिव विजय सिंह समेत सभी पदाधिकारियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह उत्सव यादगार बन गया। महिलाओं ने मां को कोइछा चढ़ाकर और सिंदूर खेला कर अपनी आस्था प्रकट की। आयोजन के समापन पर आदर्श नगर छठ घाट पर हुए विसर्जन के दृश्यों ने हर किसी का दिल छू लिया। वहीं, 6 अक्टूबर को सिहोडीह आम बागान में आयोजित होने वाला भव्य भंडारा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र बनने जा रहा है। मेला आयोजक गोपाल चंद्रवंशी और समिति के सभी सदस्यों के सहयोग से यह आयोजन गिरिडीह में भक्ति और एकता का प्रेरक उदाहरण बन गया।












