गिरिडीह, 28 सितम्बर: आज शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती पर गिरिडीह में जोश और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर असंगठित मजदूर मोर्चा, इंकलाबी नौजवान सभा, माले और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कन्हाई पांडेय ने भगत सिंह की जीवनी और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए की। उन्होंने युवाओं को बताया कि भगत सिंह केवल क्रांतिकारी नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने वाले विचारक भी थे।
माले नेता राजेश सिन्हा ने मूर्ति स्थापना की ऐतिहासिक कहानी साझा की और बताया कि वर्तमान समय में मूर्ति स्थल पर बाजारीकरण और अतिक्रमण की स्थिति चिंताजनक है। वहीं, किसान महासभा के वरिष्ठ नेता पूरन महतो ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगत सिंह के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें और समाज में सुधार एवं न्याय की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि आज के समय में देश को उनकी सक्रिय भागीदारी की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान इंकलाबी नौजवान सभा के युवा गिरिडीह कोलड़ीहा से पैदल मार्च कर भगत सिंह चौक पहुंचे। वहां उन्होंने भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और देशभक्ति के नारे लगाकर माहौल को और प्रेरणादायी बना दिया। लाल परिधान में सजे युवाओं और बच्चों ने परंपरागत झंडों और बैंड के साथ देशभक्ति का उत्साह दिखाया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में लगभग 90% युवा भटके हुए रास्ते पर हैं, जिन्हें भगत सिंह के विचारों और आदर्शों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। शंकर पांडेय और एकराम अंसारी ने युवाओं को भगत सिंह की विचारधारा पढ़ने और उसे जीवन में उतारने पर बल दिया। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को प्रेरक और उत्साहवर्धक बना दिया, जिससे यह संदेश गया कि नई पीढ़ी भी देशभक्ति और सामाजिक बदलाव के लिए कटिबद्ध है।












