गिरिडीह, 26 सितम्बर: गिरिडीह-धनबाद मुख्य मार्ग एक बार फिर भीषण सड़क हादसे का गवाह बना। शुक्रवार को ताराटांड थाना क्षेत्र के बड़कीटांड जंगल के समीप यात्रियों से भरी एक सवारी गाड़ी और तेज रफ्तार ट्रक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि सवारी गाड़ी पर सवार पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। यह हादसा न केवल स्थानीय लोगों को दहला गया बल्कि सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर गया।
सूचना मिलते ही ताराटांड थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं गंभीर रूप से घायल यात्रियों का अस्पताल में इलाज जारी है, जिनमें कुछ की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया।
हादसे की सूचना फैलते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। बताया जा रहा है कि मृतकों में से सभी मनकडीहा गांव के रहने वाले थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में यातायात नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और ट्रकों की रफ्तार पर कड़ी नजर रखी जाए।
इस हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर पर्याप्त स्पीड ब्रेकर और पुलिस की सख्त चौकसी होती तो ऐसे हादसे टाले जा सकते थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और ट्रक चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस भीषण दुर्घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया और एक बार फिर लोगों को सड़क पर सावधानी और अनुशासन का महत्व याद दिला दिया।












