झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों, दंत चिकित्सकों एवं चिकित्सा पदाधिकारियों को बड़ी सौगात दी। मंत्रालय परिसर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कुल 160 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से राज्य की स्वास्थ्य संरचना को मजबूती मिलेगी और गरीबों व असहायों को गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसा क्षेत्र चुना है, जो सेवा और संवेदनशीलता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है, जहां गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए मानवीय संवेदनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवाएं केवल इलाज तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि व्यवहार और संवेदना के माध्यम से मरीजों को बेहतर माहौल देने की जिम्मेदारी भी आप पर है।
सोरेन ने कहा कि झारखंड के पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन जुनून और सेवा भाव के साथ इन सीमित संसाधनों में भी काफी कुछ किया जा सकता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों को उपचार के साथ मानवीय स्पर्श भी दें। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में संसाधनों की कमी के बावजूद राज्य ने बेहतर प्रबंधन और चिकित्सकों के सहयोग से संकट से उबरने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी राज्य को इसी सेवा भाव और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि वह राज्य में कार्यरत चिकित्सकों के कार्यों का आकलन करे और बेहतर काम करने वालों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू करे। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक गंभीरता से करेंगे। समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियां निरंतर बढ़ रही हैं और समाधान भी हमें मिलकर ही निकालना होगा।













