गिरिडीह, 25 सितम्बर 2025 : भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम के नेतृत्व में आज गिरिडीह जिले में जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया। यह आंदोलन पूर्व घोषित देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा रहा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग शामिल हुए। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने इवीएम को हटाकर बैलेट पेपर लागू करने, सभी जातियों की जाति आधारित जनगणना कराने तथा आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार का विरोध करने जैसी मांगें उठाईं। साथ ही मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और भेदभाव, हिंसा तथा मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए यह भी मांग रखी कि एससी, एसटी और ओबीसी कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण तत्काल लागू किया जाए, उच्च शिक्षा को निशुल्क किया जाए और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति, फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण, सीसीएल क्षेत्र के नागरिकों को जाति प्रमाणपत्र की सुविधा तथा सरकारी व पारा शिक्षकों का प्रत्येक पांच साल में अनिवार्य स्थानांतरण जैसी मांगें भी आंदोलन के केंद्र में रहीं। इस आंदोलन ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इसके व्यापक असर की संभावना जताई जा रही है।












