मधुपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर और आसपास के गांवों में नकली लॉटरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पथरोल और मधुपुर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से बहादुरपुर और फतेहपुर गांव में छापेमारी करते हुए एबी चिकन व्यवसाय के मालिक आफताब के गोदाम से नकली लॉटरी टिकट बरामद किए। मौके से प्रिंटर, कटर मशीन, पंचिंग मशीन और लॉटरी छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए। इस कार्रवाई का नेतृत्व मधुपुर थाना प्रभारी नईम अंसारी और पथरोल थाना प्रभारी दिलीप बिलूंग ने किया।
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया गिरोह लंबे समय से बिहार, बंगाल और झारखंड के कई जिलों में नकली लॉटरी का कारोबार चला रहा था। गिरोह ने नकली टिकट सप्लाई कर करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अवैध कारोबार में संलिप्त थे। पुलिस अब मकान मालिक और गोदाम उपलब्ध कराने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। इससे पहले 10 जुलाई को भी मधुपुर पुलिस ने पनाहकोला स्थित एक निजी आवास में नकली लॉटरी छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।
अवैध लॉटरी कारोबार के बढ़ते प्रभाव से मधुपुर के युवा वर्ग में खासा असर पड़ा है। आसान पैसे के लालच में कई युवा इसमें फंस जाते हैं, जिससे पारिवारिक और आर्थिक संकट उत्पन्न होता है। वहीं, गिरोह के सदस्य करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रहे थे। पुलिस ने कहा है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अवैध लॉटरी ने सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया है, लेकिन हालिया कार्रवाई से लोगों को राहत मिली है।












