गिरिडीह : दुर्गा पूजा को लेकर जिला पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। शहर और आसपास के इलाकों में तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को सदर एसडीएम और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से कई पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पपरवाटांड़, बनियाडीह, सेंटरफीट समेत अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा किया और पूजा समितियों से मुलाकात कर तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था और मेले के सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पूजा समितियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य की जाए। साथ ही, मेले में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया गया। समितियों को अपने स्तर पर स्वयंसेवकों (वोलेंटियर्स) की टीम बनाने की भी जिम्मेदारी दी गई, ताकि किसी भी भीड़भाड़ की स्थिति में तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। एसडीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मेले का शांतिपूर्ण और सफल संचालन सुनिश्चित करना है।
वहीं, एसडीपीओ ने सुरक्षा की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान पुरुष और महिला दोनों तरह के सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के दस्ते भी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। खास बात यह है कि मेले में सादे लिबास में पुलिस जवानों की भी तैनाती की जाएगी, जिससे असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा सके। पुलिस का दावा है कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरा बल तैयार रहेगा।
अधिकारियों ने पूजा समितियों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करें और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दें। दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में प्रशासन का फोकस भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध की रोकथाम पर रहेगा। निरीक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार गिरिडीह में दुर्गा पूजा का आयोजन अधिक सख्त सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के बीच संपन्न होगा।












