रांची के पुंदाग इलाके में रहने वाली संवेदना कुमारी नामक महिला को साइबर अपराधियों ने झांसे में लेकर भारी ठगी का शिकार बना दिया। महिला को इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन दिखा जिसमें घर बैठे पार्ट टाइम काम करने पर रोज़ाना 2 से 5 हजार रुपये कमाने का दावा किया गया था। महिला को यह ऑफर पसंद आया और उन्होंने टेलीग्राम पर संपर्क करने वाली महिला की बातों में आकर उसके ग्रुप में शामिल हो गईं। शुरुआती कुछ छोटे-छोटे काम पूरे करने पर उन्हें कुछ रुपये भी मिले। धीरे-धीरे अपराधियों ने उन्हें वीआईपी ग्रुप में जोड़कर पैसे इन्वेस्ट करने के लिए तैयार कर लिया। जब उन्होंने पैसा जमा करना शुरू किया, तो अपराधियों ने उनके अकाउंट को फ्रीज बताकर और अधिक राशि मांगी। इस तरह संवेदना से 7.56 लाख रुपये ठग लिए गए। बाद में जब उन्होंने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया और और अधिक पैसे की मांग की गई।
इसी तरह साइबर ठगों ने कोकर बैंक कॉलोनी निवासी अजीत कुमार जैन को भी निशाना बनाया। जैन को फोन पर कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को टायर कंपनी का कर्मचारी बताया और उन्हें आकर्षक ऑफर दिए। कॉल करने वाले ने कहा कि माल आपके गोदाम तक ट्रक से पहुंच चुका है, जिसके लिए उन्हें तुरंत भुगतान करना होगा। भरोसा कर अजीत ने 1.15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उसके बाद न तो टायर मिले और न ही कॉल करने वाला संपर्क में आया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इधर, लापुंग निवासी सुशील उरांव से भी साइबर अपराधियों ने 5.44 लाख रुपये की ठगी कर ली। उनका सिम अचानक बंद हो गया था, जिस कारण उन्होंने कस्टमर केयर को कॉल किया। उसी दौरान उनके बैंक खाते से धीरे-धीरे लाखों रुपये गायब हो गए। इसके अलावा, खेलगांव चौक में बाइक सवार अपराधियों ने रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए। इन लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और फर्जी कॉल के जरिए आम लोग हर दिन साइबर अपराधियों के निशाने पर आ रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है।












