जिला उपायुक्त, रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वच्छता ही सेवा 2025 कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संबंधित विभागों ने बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है। स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “स्वच्छ उत्सव” की थीम के साथ संपन्न होगा। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के ढेरों की पहचान कर उनकी सफाई की जाएगी। इस अवसर पर सभी अधिकारियों को अभियान के तहत शपथ दिलाई गई, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
उपायुक्त, रामनिवास यादव ने कार्यशाला में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “एक कदम स्वच्छता” के संकल्प को हर स्तर पर लागू करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और संबंधित कर्मियों से अपने दायित्वों को समझकर कार्य करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखें। उन्होंने तरल और ठोस कचरे के प्रबंधन, ओडीएफ़ (ओपन डिफकेशन फ्री) और ग्रे वॉटर मैनेजमेंट के महत्व पर विशेष जोर दिया, ताकि अभियान के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।
कार्यशाला में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट का चयन करें और समुदाय की सहभागिता से उनकी सफाई सुनिश्चित करवाएं। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में बाल संसद आयोजित की जाए, जिसमें सिंगल यूज प्लास्टिक के रोकथाम और जीरो कार्बन फुटप्रिंट बढ़ाने जैसे जागरूकता कार्यक्रम शामिल किए जाएं। इसके अलावा दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में सिंगल यूज प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध हेतु लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1/2, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।












