प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में कार्यक्रमों को संपन्न करने के बाद शनिवार को कोलकाता पहुंचकर एक बार फिर से देश के विकास पथ पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यहां वे रविवार को होने वाले Combined Commanders’ Conference में भाग लेंगे, जिसमें देश की सुरक्षा, सामरिक नीतियों और सैन्य बलों के भविष्य के खाके पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना के उच्चतम अधिकारी एक साथ विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री का इसमें शामिल होना देश की रक्षा नीति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव और रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कोलकाता में महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिहार के पुर्निया पहुंचेंगे, जहां उनका कार्यक्रम ऐतिहासिक माना जा रहा है। वे पुर्निया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे, जो न केवल इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई उड़ान देगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। अब तक बिहार के इस हिस्से को हवाई संपर्क के मामले में अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकी थीं, लेकिन इस अत्याधुनिक टर्मिनल के निर्माण से स्थानीय उद्योग, पर्यटन और व्यापार को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा। पुर्निया से ही वे 36,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन योजनाओं में आधारभूत संरचना का विस्तार, बिजली और जल आपूर्ति की नई परियोजनाएं, सड़कों और पुलों का निर्माण, तथा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इससे युवा वर्ग को रोजगार मिलेगा और स्थानीय व्यापारियों को नए बाजार उपलब्ध होंगे। इन परियोजनाओं को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टियों से बेहद अहम है। बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में बुनियादी ढांचे की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधा बनी हुई थी। अब बड़े पैमाने पर होने वाले निवेश से यहां के लोगों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। पुर्निया एयरपोर्ट का नया टर्मिनल न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा देगा बल्कि यहां निवेशकों, पर्यटकों और उद्योगपतियों को भी आकर्षित करेगा। प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट है कि देश का विकास तभी संभव है जब पूर्वी भारत तेजी से प्रगति करे। उनके इस दौरे को एक बड़े विज़न और जमीनी बदलावों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।












