रांची/देवघर। सियाचिन ग्लेशियर पर हुए भीषण हिमस्खलन में भारतीय सेना के तीन जवानों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। शहीदों में झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर प्रखंड के कजरा गांव के रहने वाले अग्निवीर नीरज चौधरी भी शामिल हैं। महज ढाई साल पहले, वर्ष 2022 में सेना में भर्ती हुए नीरज चौधरी सियाचिन की कठोर परिस्थितियों में मातृभूमि की रक्षा कर रहे थे।
हिमस्खलन की इस दुखद घटना ने पूरे मधुपुर और कजरा गांव को शोकाकुल कर दिया है। गाँव में हर ओर मातम पसरा हुआ है और परिजनों की आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। नीरज चौधरी की शहादत पर स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री हफीजुल हसन तथा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
शहीद नीरज को गुरुवार को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सलामी दी जाएगी। पूरा क्षेत्र इस क्षण का गवाह बनेगा जब झारखंड अपने इस वीर सपूत को नमन करेगा। गांव के लोग और आसपास के क्षेत्र के नागरिक उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ेंगे।
नीरज चौधरी की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सियाचिन जैसे दुर्गम मोर्चों पर तैनात भारतीय सैनिक हर पल “देश पहले” की भावना के साथ अपना जीवन दांव पर लगाते हैं। उनकी वीरता और बलिदान को झारखंड ही नहीं, पूरा देश सदैव याद रखेगा।












