नेपाल में राजनीतिक संकट चरम पर पहुंच गया है। काठमांडू में हजारों युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी और पूर्व उपप्रधानमंत्री रवि लामिछाने को नक्खू जेल से मुक्त कराया। प्रदर्शनकारियों की यह कार्रवाई देश में बढ़ते असंतोष और राजनीतिक तनाव का प्रतीक बन गई है। इसके चलते नेपाल की राजधानी के प्रमुख हवाई मार्ग प्रभावित हुए और दिल्ली व मुंबई से काठमांडू जाने वाली इंडिगो की दो उड़ानों को लखनऊ की ओर डायवर्ट करना पड़ा। सरकारी अधिकारी और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं, जबकि जनता और सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की बढ़ती ताकत और सरकार के खिलाफ दबाव के बीच नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जगी है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने कहा कि नई सरकार बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसके लिए सेना प्रमुख से भी बातचीत की जाएगी। आंदोलनकारी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे सरकारी दस्तावेजों और डेटा बेस को नुकसान न पहुंचाएं, ताकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।
हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और नेपाल में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक अस्थिरता जारी है। प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद सेना ने उन्हें सुरक्षित रखा है और प्रशासन ने राजधानी में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। इसके साथ ही, नेपाल में तख्तापलट की चर्चाएं तेज हो गई हैं, और आम जनता में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस राजनीतिक संकट के बीच नेपाल की जनता और दुनिया भर की नजरें काठमांडू पर टिकी हैं, क्योंकि अगले कुछ दिनों में यहां राजनीतिक दिशा और शासन की रूपरेखा तय होगी।












