गिरिडीह। खंडोली बचाओ आंदोलन के तहत आज JLKM के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडोली डैम पहुंचे और जल समाधि लेने का प्रयास किया। ग्रामीणों के पानी में उतरते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। मौके पर तैनात पुलिस बल ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब ग्रामीण नहीं माने तो उन्हें जबरन पानी से बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति देखी गई।
ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि खंडोली डैम का सीमांकन कर रैयतों को उनकी जमीन वापस की जाए। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1992 में DVC को जमीन दी गई थी, लेकिन अब उसकी सीमा खंडोली डैम के अंदर बता दी गई है। जब ग्रामीणों ने जमीन संबंधी दस्तावेज मांगे तो प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं दिखाया गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन वर्षों से उनकी अनदेखी कर रहा है। कई बार शिकायत और आग्रह के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। JLKM ने कुछ दिन पहले ही सीओ समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था और चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। आज का जल समाधि प्रयास उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अगले 15 दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर जल समाधि की आंदोलनात्मक कार्रवाई करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन आंदोलन की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।












