जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सोमवार (8 सितंबर) को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ छिड़ गई। जानकारी के अनुसार, यह एनकाउंटर गुडार वन क्षेत्र में तब शुरू हुआ जब आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने पर सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जैसे ही सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी, उन्होंने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला और मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मार गिराया गया। इस गोलीबारी में सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है। हालांकि फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान और एनकाउंटर अभी भी जारी है।
भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस और सेना ने मिलकर यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया। पोस्ट में कहा गया कि सतर्क सैनिकों ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधि को देखा, आतंकियों पर कार्रवाई शुरू की गई। सेना ने हाल के महीनों में कई बड़े अभियानों को अंजाम दिया है। जुलाई महीने में चलाए गए “ऑपरेशन महादेव” के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए थे। वहीं, अगस्त में भी “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पाकिस्तान की नापाक कोशिशों को सेना ने विफल किया और सीमा पार से भेजे गए आतंकियों को मार गिराया।
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” को बड़े स्तर पर चलाया था। इस ऑपरेशन में सौ से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। भारतीय सेना की लगातार सख्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा। कुलगाम की मौजूदा मुठभेड़ भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद आतंकवाद की जड़ें खत्म करना है। फिलहाल सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि बाकी बचे आतंकियों का खात्मा किया जा सके।












