मुंबई पुलिस को 5 सितंबर को एक बड़ा धमकी संदेश मिला, जिसमें दावा किया गया कि 14 आतंकी शहर में दाखिल हो चुके हैं और 34 गाड़ियों में 400 किलो RDX रखकर विस्फोट की योजना बनाई गई है। इस सनसनीखेज संदेश के बाद मुंबई पुलिस अलर्ट पर आ गई और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह संदेश भेजने वाला आरोपी अश्विनी नोएडा से ऑपरेट कर रहा था, जिसे सेक्टर-113 से गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया। आरोपी के पास से मोबाइल भी बरामद हुआ है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों को दहशत में डाल दिया। दादर के रहने वाले अनिल मिश्रा का कहना है, “त्योहारों के समय ऐसी धमकियां लोगों के दिल में डर पैदा करती हैं। हमें चाहिए कि पुलिस और सरकार इस पर और कड़ी निगरानी रखें।” वहीं, कॉलेज छात्रा नेहा शर्मा ने कहा, “गणेश चतुर्थी जैसे पर्व पर लाखों लोग घर से बाहर निकलते हैं। ऐसे में पुलिस की फुर्ती और तत्परता काबिले-तारीफ है, क्योंकि अगर एक चूक हो जाती तो नतीजे बहुत खतरनाक हो सकते थे।” आम लोगों की यह राय साफ़ दिखाती है कि सुरक्षा सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुंबई जैसे महानगर में हर त्योहार, हर आयोजन में लाखों लोग जुटते हैं। ऐसे समय पर अफवाह और धमकियां समाज की शांति भंग करने की कोशिश होती हैं। यह घटना हमें यह सिखाती है कि सजग नागरिक होना बेहद जरूरी है। पुलिस की भूमिका सराहनीय है, लेकिन हमें भी सतर्क रहकर छोटी-छोटी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर साझा करनी चाहिए। एक सुरक्षित मुंबई, एक सुरक्षित भारत के लिए ज़रूरी है कि हम सब मिलकर आतंकवाद और डर की इन साजिशों को नाकाम करें।












