12 रबी-उल-अव्वल के मौके पर 1500वीं साला ईद मिलादुन्नबी बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। नौशाद अहमद चांद ने कहा कि आज ही के दिन हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश हुई थी और उनके आने से इंसानियत, इमान और मोहब्बत का पैगाम पूरी दुनिया को मिला। उन्होंने कहा कि नबी की आमद हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है और हम सबको मिलजुलकर मोहब्बत और शांति का संदेश आगे बढ़ाना चाहिए।

तंजीम अहले सुन्नत के जनरल सेक्रेटरी इरशाद अहमद वारिस की अगुवाई में मौलाना आजाद चौक से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जो कई रास्तों से होकर बरवाडी कर्बला मैदान तक पहुंचा। यहां मौलाना और आलिमों ने इंसानियत का पाठ पढ़ाया और समाज को मेलजोल से रहने की सीख दी।

इस मौके पर झारखंड के नगर विकास मंत्री सुधीव्य कुमार सोनू और राज्यसभा सदस्य सरफराज अहमद ने भी लोगों को संबोधित किया। दुरूद-सलाम के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।













